बंगाल चुनाव में तृणमूल के दल-बदलुओं ने डुबोई बीजेपी की नैय्या

 


पश्चिम बंगाल चुनावों के नतीजों ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सभी दल-बदलुओं को धूल चटा दी है, सिर्फ शुभेंदु अधिकारी, जो ममता बनर्जी के पूर्व क़रीबी सहयोगी कार्यवाहक मुख्यमंत्री रहे हैं और पूर्व टीएमसी महासचिव मुकुल रॉय, किसी तरह जीत गए। मार्च-अप्रैल के चुनावों से पहले के कुछ महीनों में, 25 विधायक और बहुत से वरिष्ठ टीएमसी नेता दल-बदल कर भारतीय जनता पार्टी में पहुंच गए। सूत्रों के अनुसार, तृणमूल कांग्रेस के 148 दल-बदलुओं को टिकट दिए गए थे, जिनमें एक दर्जन से अधिक सिटिंग विधायक थे। इनमें से सिर्फ छह उम्मीदवार ही जीत हासिल कर पाए हैं।

 

पूर्व मंत्री राजीब बनर्जी, पूर्व हावड़ा मेयर रतींद्रनाथ चक्रबर्ती और पूर्व अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) प्रमुख जगमोहन डालमिया की बेटी बैशाली डालमिया, उन लोगों में से हैं, जिनका पाला बदलना किसी काम नहीं आया। राजीब बनर्जी की पराजय सबसे बड़ी लग रही है, क्योंकि वो न सिर्फ हावड़ा में दोमजुर की अपनी ख़ुद की सीट, 42,512 वोटों से हार गए, बल्कि ज़िले की सभी 16 सीटें टीएमसी के हाथों गवां बैठे, जिन्हें सँभालने का पूरा जिम्मा भी उन्हीं का था।

 

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कोलकाता में पत्रकारों से कहा, ‘दल-बदलुओं के चुनाव हारने पर मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। उनमें से कुछ जीते भी हैं। हमने उन्हें लिया था जिनमें कुछ संभावनाएं दिखीं थीं। लेकिन हम नतीजों की समीक्षा करेंगे सूत्रों की मानें तो केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने, दल-बदलुओं को ख़ूब आगे बढ़ाया, बहुत से पुराने योग्य बीजेपी नेताओं को टिकट नहीं मिले, जबकि दल-बदलुओं को जगह दी गई। पार्टी ने अपने काडर की बात ही नहीं सुनी।

Post a Comment

Previous Post Next Post