सुप्रीम कोर्ट पूछा- कोरोना वैक्सीन खरीदने के लिए कहां से पैसा लाएंगे गरीब



सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना वैक्सीन की कीमत को लेकर सरकार से सवाल किया है कि गरीब लोग इसे खरीदने के लिए पैसे कहां से लाएंगे। कोर्ट ने यह भी सलाह दी है कि केंद्र सरकार एक राष्ट्रीय टीकाकरण मॉडल अपनाए और सभी नागरिकों को मुफ्त टीका देने पर विचार करे, क्योंकि गरीब लोग कोरोना का टीका नहीं खरीद पाएंगे। देश में कोविड-19 की मौजूदा स्थिति से जुड़े केसों की सुनवाई करते हुए जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा- ''कीमत का मुद्दा बहुत गंभीर है।''

 

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस रविंद्र भट ने टीकों की नई खरीद नीति पर सवाल उठाते हुए केंद्र सरकार से पूछा सभी वैक्सीन वह खुद क्यों नहीं खरीदती। कोर्ट ने यह भी कहा कि राज्यों को टीकों की खरीद अधिक कीमत पर करनी पड़ेगी। कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि केंद्र और राज्य सरकारें उन लोगों का रजिस्ट्रेशन कैसे कराएंगी जो निरक्षर हैं या जिनके पास इंटरनेट की पहुंच नहीं है।

 

जस्टिस रवींद्र भट ने पूछा, ''एस्ट्राजेनेका अमेरिकी नागरिकों को वैक्सीन कहीं कम कीमत पर दे रही है। तो फिर हमें क्यों इतनी अधिक कीमत देनी चाहिए? उत्पादक आपसे 150 रुपए ले रहे हैं लेकिन राज्यों से 300 या 400 रुपए। एक राष्ट्र के तौर पर हम इतनी कीमत क्यों दें? कीमत का अंतर 30 से 40 हजार करोड़ हो जाता है।''

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