- अर्जुन कुमार तिवारी, प्रशासनिक एवं क्राइम संवाददाता, चेतना, मो: 9425465893
यूरोपियन मॉनिटरिंग सेंटर फॉर ड्रग्स
एंड ड्रग एडिक्शन (ईएमसीडीडीए) की रिपोर्ट में चेतावनी
दी गई है कि अब क्रिस्टल मेथ ड्रग का कारोबार एक इंडस्ट्री जितना बड़ा आकार ले सकता
है। इसके सेवन में इजाफा ड्रग ट्रैफिकर्स की एक खोज का नतीजा है।
इस खोज में पता लगाया गया कि अफगानिस्तान
के जंगली इलाकों में एक पौधा आमतौर पर पैदा होता है। इसका नाम एफेड्रा है। इसका इस्तेमाल
मेथ के अहम कंपोनेंट- एफीड्राइन को बनाने
में किया जा सकता है। अफगानिस्तान की ड्रग इंडस्ट्री के एक्सपर्ट और इस रिपोर्ट के
प्रमुख लेखक डेविड मैन्सफील्ड कहते हैं, "पहाड़ों पर उगने वाले एक जंगली पौधे से मेथाफेटामाइन बनाया जा
सकता है, यह खोज
एक गेमचेंजर साबित हुई है।"
पहले ड्रग ट्रैफिकर्स एफीड्राइन
को कहीं महंगी आयातित दवाइयों से निकालते थे, लेकिन अब वे इसे बेहद सस्ते पड़ने वाले विकल्प और थोड़ी की केमिस्ट्री की मदद से
निकाल लेते हैं। एफेड्रा का पौधा दुनिया के दूसरे हिस्सों में भी क्रिस्टल मेथ तैयार
करने में इस्तेमाल होता है, लेकिन अफगानिस्तान
जितने बड़े पैमाने पर यह कहीं भी नहीं पाया गया है।
ऑस्ट्रेलिया में अधिकारियों ने हाल के वर्षों में अफगानिस्तान और ईरान के लिंक वाली मेथाफेटामाइन की जब्ती में इजाफा देखा है। इस दौरान मिनरल वॉटर की बोतलों की क्रेट्स में घुली हुई बड़ी तादाद में ड्रग पकड़ी गई है। इसकी कीमत 5 करोड़ डॉलर से भी ज्यादा है।
