फ़िल्म समीक्षक - इदरीस खत्री, ईमेल: nepathya.indore@gmail.com
निर्देशक:- प्रभु देवा;
अदाकार:- सलमान, दिशा पाटनी, रणदीप हुड्डा, जैकी श्रॉफआदि; संगीत:- साजिद-वाजिद, प्रसाद, हिमेश
रेशमिया
कोरोना काल के लॉकडाउन
के चलते पिछले एक बरस से न तो कोई बड़ी फिल्म आई, न ही सिनेमाघरों की खिड़किया खुल सकीं। ऐसे में कुछ फ़िल्में ओटीटी
पर ही प्रदर्शित की गयीं: लक्ष्मी, सड़क-2, कुली नम्बर 1, शेष चर्चा का विषय नहीं रहीं...
सलमान खान
ने निश्चित ही बड़ा साहस दिखाया कि फ़िल्म ओटीटी पर प्रदर्शित कर रहे हैं। ईद पर सलमान अपने प्रशंसकों को सिनेमाघर में ईदी देते आये हैं
फ़िल्म के रूप में। शायद यही वजह रही कि सलमान जैसे भी हो,
अपने दर्शकों को मायूस नहीं करना चाहते थे...
प्रभु देवा और सलमान
2007 में वान्टेड, जिससे सलमान की नई पारी शुरू हुई थी, में भी साथ काम कर चुके हैं।
कहानी
कोरियन एक्शन फ़िल्म द
आउटलाज (2017) की रिमेक है। राणा (रणदीप हुड्डा) एक ड्रम माफिया है,
जो अपने साथियों के साथ मिलकर मुम्बई में ड्रग्स का कारोबार
चलाता है,
साथ ही वह अपने कारोबारी मंसूबे पूरे करने के लिए किसी भी हद
तक गुज़र सकता ह। इसी कारण मुम्बई अशांत और इनके चंगुल में फँसी लगती है। अब इस शहर
अपराध मुक्त करने के लिए एक निडर पुलिसवाला चाहिए, तो राधे (सलमान) को बुलाकर मुम्बई शहर सौंपा जाता है। जिसमें
राधे की जवाबदेही होती है कि शहर को ड्रग्स माफिया और अपराधियों से मुक्त करना। क्या
राधे मोस्ट वांटेड भाई और ड्रग्स माफिया की गंदगी शहर से साफ कर पाता है ???
इसका जवाब जानने के लिए फ़िल्म देखनी पड़ेगी...
अदाकारी
सलमान जो कर
दे, वही एक्टिंग में शुमार हो जाता है। दिशा फ़िल्म में खूबसूरती बिखेरने के लिए हैं,
और उन्होंने यह काम उसने बखूबी निभाया है। रणदीप हुड्डा जो कि रंगमंचीय अखाड़े से निकले एक्टर हैं, उन्होंने
किरदार को जीवंत बना दिया है। शेष
कास्टिंग भी सटीक और अपने अपने किरदारों में ठीक रही है।
संगीत
साजिद- वाजिद,
प्रसाद, हिमेश रेशमिया; सभी से एक एक गाना लिया गया है। सभी गाने सलमान के स्वेग के स्टाइल के हैं, जो फ़िल्म
में फबते भी हैं।
क्यों देखें
राधे एक पूर्ण व्यवसायिक
और मसाला फ़िल्म है, जिसकी स्टोरी लाइन आसान परन्तु फिल्मांकन और निर्देशन
भव्य रूप में किया गया है। एक्शन दृश्यों में नवीनता और विशालता दोनों हैं।
कमज़ोर पक्ष
कहानी जहां से वान्टेड
(2007) फ़िल्म खत्म हुई, यह फ़िल्म वहीं से शुरू मान सकते हैं, कहानी में कुछ भी नयापन नहीं है।
बजट और कमाई
बजट लगभग 180 करोड़ है, फ़िल्म
के सेटेलाइट, थियेट्रिकल
डिजिटल राइट लगभग 255 करोड़ में बेचे जा चुके हैं। फ़िल्म
प्रदर्शन के पूर्व ही 70 करोड़ कमा चुकी है- इस लाभ को सलमान पहले ही कोरोना महामारी
से लड़ने के लिए देश हित में समर्पित कर चुके हैं। सलमान ख़ान ने माना कि
राधे से उन्हें नुक़सान ही होगा, लेकिन उनके मुताबिक़ ये रिलीज़ सिर्फ 'कमिटमेंट पूरा करने के लिए' की जा रही है। सलमान ख़ान कहते हैं- "हमारी असली कमाई थियेटर
रिलीज़ से होती है और फिल्म थिएटर में रिलीज़ नहीं हो रही है। इसमें हम कमाएंगे नहीं
बल्कि गवाएंगे ही, लेकिन जो भी जायेगा हमारा और ज़ी स्टूडियो का जायेगा।" वो कहते हैं- 'हमें नुक़सान होगा। लेकिन फैंस का मनोरंजन तो होगा।'
राधे कुल मिलाकर मसाला मनोरंजन फ़िल्म है, जो कि इस लॉकडाउन के माहौल में हल्की बारिश की फुहार बन कर आई है। अब शायद दूसरे बड़े फ़िल्म मेकर्स भी हौसला दिखाते हुए अपनी बड़ी फ़िल्में ओटीटी पर ही प्रदर्शित कर दें।
