रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी कर बेचते थे ब्लैक में, क्या ऐसे लोगों पर हत्या का केस दर्ज़ नहीं होना चाहिए

  


रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए देश-प्रदेश में हाहाकार मचा हुआ है। इंजेक्शन नहीं मिलने से संक्रमितों की लगातार मौतें भी हो रही हैं। ऐसे विकट समय में इंसानियत को शर्मासार कर देना वाला रेमडेसिविर की कालाबाजारी का एक मामला सामने आया है। इंदौर की क्राइम ब्रांच और बाणगंगा पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ऐसे बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जो मरीजों के लिए मंगाए गए रेमडेसिविर इंजेक्शन को चोरी कर उसे महंगे दामों पर जरुरतमंदों को बेच देते थे।

 

इंदौर पुलिस ने इन चार आरोपी बदमाशों के पास से 5 रेमडेसिविर इंजेक्शन और 60 हजार रुपये नगद के साथ ही कार को जब्त किया है। इंदौर क्राइम ब्रांच के हत्थे चढ़े ये बदमाश और कोई नहीं बल्कि पेशे से मेल नर्स हैं। ये लोग अपने पेशे को कलंकित करते हुए अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीजों की जान बचाने के नाम पर रेमडेसिविर इंजेक्शन मंगाते थे और उन्हें लगाने की बजाय चोरी कर दूसरे जरुरतमंदों को महंगे दामों में बेच दिया करते थे।

 

कौन जाने कि किसी जरूररतमन्द द्वारा ब्लैक में खरीदे इन इंजेक्शनों को मरीज को ना लगाने की बजाये, ये फिर से इन्हीं इंजेक्शनों की कालाबाजारी करते रहे होंगे। और ना जाने कितनी मौतों के जिम्मेदार होंगे। क्या ऐसे लोगों पर हत्या का केस दर्ज़ नहीं होना चाहिए।

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