गुजरात हाईकोर्ट के हाल के एक फैसले के बाद अब राज्य में सरकारी नौकरी चाहने वाले आरक्षित श्रेणी के आवेदकों को अब सामान्य श्रेणी का लाभ नहीं मिलेगा। उन्हें अब आरक्षित श्रेणी में ही आवेदन करना होगा, भले ही आवेदक की मेरिट कितनी ही ऊंची क्यों न हो।
गुजरात हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह दिए एक ऐतिहासिक फैसले में कहा है कि आरक्षित श्रेणी के व्यक्तियों को आरक्षण सिर्फ उनके श्रेणी में ही दिया जाए, चाहे उसका मेरिट मे कितना ही ऊँचा स्थान क्यों न हो।
फैसले में यह साफ़ किया गया है कि यदि कोई जाति प्रमाण पत्र देता है तो उसे आरक्षित श्रेणी में ही जगह मिलेगी। वह अनारक्षित कोटा में जगह नहीं बना सकता।