संजय भूषण पटियाला
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नई
दिल्ली 11 जून 2021 : दिल्ली कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल और डीजल की
अनियंत्रित बढ़ती कीमतों को वापस लेने की मांग और मंहगाई के खिलाफ आज
पेट्रोल पंपों पर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया, जिसमें पूर्वांचल समाज के
कद्दावर नेता राणा सुजीत सिंह भी मौजूद रहे। इस मौके पर उन्हें कहा कि
कोरोना काल में आपदा को अवसर बनाकर केंद्र की सरकार और दिल्ली की केजरीवाल
सरकार लगातार बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों पर नियंत्रण करने की बजाय मनमाने
तरीके से भारी भरकम टैक्स वसूलकर लोगों का बजट बिगाड़ रहे हैं।
राणा
सुजीत सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले सात साल में पेट्रोल डीजल पर
टैक्स में बार-बार भारी बढ़ोतरी करके कीमतों को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा
दिया है। इस सरकार की गलत नीतियों के कारण देश के कई हिस्सों में पेट्रोल
की कीमतें आज 100 रुपये प्रति लीटर का आंकड़ा पार कर चुकी हैं और डीजल की
कीमतें 100 रुपये प्रति लीटर होने के कगार पर हैं। उन्होंने कहा कि साल
2012 में जब इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत अधिक थी, तब भी देश
में इतनी महंगाई नहीं हुई थी और पेट्रोल 70 रुपये लीटर में मिल रहा था। आज
जब इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमत आधी है, फिर भी सरकार जनता से
ज्यादा पैसे वसूली कर उन्हें कंगाल बनाने में लगी है।
उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार ने 6 सालों में पेट्रोल डीजल पर 25000 करोड़ रुपये टैक्स के रुप में वसूले हैं और केंद्र सरकार ने 7 सालों में 20.56 लाख करोड़ रुपये टैक्स के रुप में वसूले हैं। दिल्ली कांग्रेस प्रमुख ने शीला दीक्षित सरकार को याद करते हुए कहा कि 2013 में दिल्ली में पेट्रोल पर 20 फीसदी और डीजल पर 12.5 फीसदी वैट टैक्स वसूला जाता था, जिसे केजरीवाल सरकार ने बीजेपी के साथ मिलकर 2015 में पेट्रोल पर वैट 30 फीसदी और डीजल पर 16.75 फीसदी कर दिया।
