उन्होंने कहा- ''हमें पॉजिटिव रहना होगा और मौजूदा परिस्थिति में खुद को कोविड
नेगेटिव रखने के लिए सावधानियां बरतनी होंगी। वर्तमान परिस्थितियों में तर्कहीन बयान
देने से भी बचना चाहिए। यह परीक्षा का समय है लेकिन हमें
एकजुट रहना होगा और एक टीम की तरह कार्य करना होगा।''
कोविड के वर्तमान हालात पर आरएसएस प्रमुख ने आगे कहा कि सफलता
और असफलता अंतिम नहीं है,
जारी रखने का साहस
मायने रखता है। उन्होंने कहा कि हम इस परिस्थिति का सामना कर रहे हैं क्योंकि सरकार, प्रशासन और जनता, सभी कोविड की पहली
लहर के बाद लापरवाह हो गए थे। अब तीसरी लहर की बात हो रही है, लेकिन
हमें डरने की नहीं, बल्कि खुद को तैयार करने की जरूरत है।
