यूपी के जौनपुर में ऑक्सीजन के मरीजों की जान बचाने वाले युवक पर केस दर्ज, देखना है कि इस युवक का सम्मान होगा या होगी जेल

 


कोरोना संक्रमण में लाचारी और बेबसी का आलम हर रोज देखने को मिल रहा है, दवा की जरूरत हो या फिर ऑक्सीजन की, सिस्टम की कमी के आगे हर कोई मजबूर है, ऐसे में लोगों की मदद करने के लिए कुछ लोग आगे गए हैं, कोई उनके लिए खाना पहुंचा रहा है तो कोई सिलेंडर, लेकिन संक्रमण के इस दौर में जरूरतमंदों की मदद करना भी मुसीबत से कम नहीं है, जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आ रहे लोगों पर भी स्वास्थ्य विभाग नकेल कस रहा है, यूपी के जौनपुर में ऐसा ही एक मामला सामने आया है।

 

जौनपुर में लोगों की जान बचाने वाले व्यक्ति पर ही प्रशासन ने गाज गिरा दी, कल तक दर्जनों मरीजों को अपने पैसे से ऑक्सीजन मुहैया कराकर जान बचाने वाले एम्बुलेंस मालिक पर ही पुलिस ने केस दर्ज कर लिया, नगर कोतवाली में सीएमएस की तहरीर पर केसदर्ज कराया गया है, इतना ही नहीं एम्बुलेंस मालिक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार उसके घर पर दबिश दे रही है, उस पर आरोप लगाया गया है कि कोरोना महामारी फैला रहा था, सीएमएस की इस कार्रवाई से निश्चित तौर पर न जाने कितने लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ गयी। ऐसे में अब कौन समाजसेवा के लिए हिम्मत जुटायेगा।

 

जानकारी के अनुसार जिला अस्पताल में मरीजों का तांता लगा था, अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी होने के कारण मरीजों का इलाज समय पर नहीं हो पा रहा था, मरीजों को तड़पता देख नगर के अहियापुर मोहल्ले का निवासी व प्राइवेट एम्बुलेंस संचालक विक्की अग्रहरि ने खुद अपने स्तर से आक्सीजन की व्यवस्था करके मरीजों को आक्सीजन दी, उसने 27 से 28 मरीजों को आक्सीजन देकर उनकी जान बचायी। यह खबर जब मीडिया के जरिये सुर्खियों में आयी तो अस्पताल प्रशासन की कलई खुल गई, माना जा रहा है कि किरकिरी होने से नाराज सीएमएस ने देर नगर कोतवाली में महामारी फ़ैलाने का केस दर्ज करा दिया। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि पूरे मामले की जांच करायी जाएगी, सीएमएस की इस कार्रवाई के परिपे्रक्ष्य में देखना होगा कि जिलाधिकारी व सीएमओ साहब आरोपी का सम्मान करवाते हैं या फिर उसे जेल भेजेंगे।

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