26 मई को किसान मनाएंगे 'काला दिन'


केंद्र सरकार के द्वारा लाए गए तीन नए कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ आंदोलन कर रहे किसानों ने 26 मई को देशव्यापी प्रदर्शन की घोषणा की है। इस दिन किसानों के प्रदर्शन को 6 महीने पूरे हो जाएंगे। इस दिन मोदी सरकार के कार्यकाल के भी 7 साल पूरे हो जाएंगे। किसानों ने कहा है कि वे इस दिन को काला दिनके तौर पर मनाएंगे। उधर, 12 विपक्षी दलों ने एक संयुक्त बयान जारी कर किसानों के देशव्यापी प्रदर्शन को समर्थन दिया है। समर्थन देने वालों में चार राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। 

 

सिंघु बॉर्डर पर एक बार फिर बीते कुछ दिनों में किसानों का जमावड़ा बढ़ा है। करनाल व आसपास के किसानों का यह काफिला किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी के नेतृत्व में सिंघु बॉर्डर पहुंचा है। फसल की कटाई के सीजन के बाद किसान लगातार दिल्ली की सीमाओं पर लौट रहे हैं। इसके अलावा पंजाब के कई इलाक़ों से किसान आंदोलन स्थल पर लौट रहे हैं।

 

26 मई को किसानों के काला दिनके आह्वान को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (टीएमसी), महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (शिवसेना), तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (डीएमके), झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (जेएमएम), जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला (एनसी), उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (एसपी), आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव, सीपीआई के डी. राजा और सीपीआई-एम ने समर्थन दिया है। 

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