कोरोना के चरम पर हुए पंचायत चुनाव में यूपी में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी की दुर्गति हुई है। किसान आंदोलन की आँच में पार्टी पश्चिमी यूपी में भी बुरी तरह झुलसी है। बीजेपी के लिए सबसे बड़ा झटका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव क्षेत्र वाराणसी में मिली हार है, जहाँ उसे समाजवादी पार्टी ने पीछे छोड़ दिया है।
कोरोना की
दूसरी लहर के चरम पर पहुँचने की दशा में पंचायत चुनाव के आख़िरी दो चरणों के
ज़िलों में बीजेपी को सबसे ज़्यादा जनता का ग़ुस्सा झेलना पड़ा है। परंपरागत रूप
से बीजेपी का गढ़ माने जाने वाले राजधानी लखनऊ में भी इसकी करारी हार हुई है। बीजेपी की चुनावी रणनीति के केंद्र में रहे अयोध्या, मथुरा और वाराणसी में पार्टी को करारा झटका लगा है।
परिणामों के मुताबिक़
ज़िला पंचायत के 3050 सदस्यों
में से 3047 के नतीजे या रुझान सामने आ चुके हैं। इनमें
बीजेपी ने 768, सपा ने 759 सीटें
जीती हैं तो बसपा को 369 सीटों पर जीत मिली है। कांग्रेस
को 80 सीटें मिली हैं, जबकि आम
आदमी पार्टी भी वाराणसी सहित कई स्थानों पर जीत हासिल कर चुकी है। निर्दलीय
प्रत्याशियों ने सबसे ज़्यादा 1071 सीटों पर जीत हासिल की
है।
